5. प्रस्थापनाओं और प्रतिग्रहणों का प्रतिसंहरण-

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कोई भी प्रस्थापना उसके प्रतिग्रहण की संसूचना प्रस्थापक के विरुद्ध सम्पूर्ण हो जाने से पूर्व किसी भी समय प्रतिसंहृत की जा सकेगी, किन्तु उसके पश्चात् नहीं ।

    कोई भी प्रतिग्रहण उस प्रतिग्रहण की संसूचना, प्रतिग्रहीता के विरुद्ध सम्पूर्ण हो जाने से पूर्व किसी भी समय प्रतिसंहृत किया जा सकेगा, किन्तु उसके पश्चात् नही

    दृष्टान्त

    ‘क’ अपना गृह ‘ख’ को बेचने की प्रस्थापना डाक में भेजे गये एक पत्र द्वारा करता है। ‘ख’ प्रस्थापना को डाक से भेजे गये पत्र द्वारा प्रतिग्रहीत करता है।

    ‘क’ अपनी प्रस्थापना को ‘ख’ द्वारा अपने प्रतिग्रहण का पत्र, डाक में डाले जाने से पूर्व किसी भी समय या डाले जाने के क्षण प्रतिसंहृत कर सकेगा, किन्तु उसके पश्चात् नहीं ।

    ‘ख’ अपने प्रतिग्रहण को, उसे संसूचित करने वाला पत्र ‘क’ को पहुंचने के पूर्व किसी भी समय या पहुंचने के क्षण प्रतिसंहृत कर सकेगा, किन्तु उसके पश्चात् नहीं ।

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