UP Parishadiya Vidyalaya New Exam Pattern

उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में परीक्षाफल का नया पैटर्न: कक्षा 1 से 8 तक अंकों का पूरा विवरण

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UP Parishadiya Vidyalaya New Exam Pattern – क्या आप उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों के परीक्षा पैटर्न को समझना चाहते हैं? इस ब्लॉग पोस्ट में कक्षा 1 से 8 तक के परीक्षाफल निर्माण में अंकों के विस्तृत वितरण की जानकारी दी गई है। जानिए कि किस कक्षा में लिखित और मौखिक परीक्षा का क्या अनुपात है और कैसे होता है अंकों का मूल्यांकन। यह जानकारी अभिभावकों और शिक्षकों दोनों के लिए उपयोगी है।

उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में परीक्षाफल निर्माण में अंकों का वितरण

उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में परीक्षाफल का नया पैटर्न: कक्षा 1 से 8 तक अंकों का पूरा विवरण

उत्तर प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में पढ़ाई और मूल्यांकन का तरीका बहुत ही व्यवस्थित और पारदर्शी है। हर साल छात्रों का मूल्यांकन सत्र परीक्षाओं और वार्षिक परीक्षा के आधार पर किया जाता है। यदि आप एक छात्र हैं, अभिभावक हैं या शिक्षक हैं, तो यह जानना ज़रूरी है कि किस कक्षा में अंकों का वितरण कैसे होता है। UP Parishadiya Vidyalaya New Exam Pattern

आइए, जानते हैं कक्षा 1 से 8 तक की परीक्षा प्रणाली और अंकों के वितरण के बारे में।

कक्षा 1

कक्षा 1 के छात्रों के लिए, मूल्यांकन पूरी तरह से मौखिक (Oral) होता है। यहां बच्चों की कोई लिखित परीक्षा नहीं ली जाती है। उनका प्रदर्शन बोलकर, सुनकर और बातचीत के आधार पर आंका जाता है।

  • मूल्यांकन का प्रकार: पूरी तरह से मौखिक (100% मौखिक) होता है।
  • अंकों का वितरण:
    • प्रथम सत्र परीक्षा: 10 अंक
    • अर्धवार्षिक परीक्षा: 30 अंक
    • द्वितीय सत्र परीक्षा: 10 अंक
    • वार्षिक परीक्षा: 50 अंक
  • कुल पूर्णांक: 300 (सभी विषयों के लिए)

कक्षा 2 और 3

इन कक्षाओं में छात्रों का मूल्यांकन लिखित और मौखिक दोनों तरीकों से किया जाता है। यहां लिखित और मौखिक परीक्षाओं का अनुपात 50%-50% का होता है। UP Parishadiya Vidyalaya New Exam Pattern

  • मूल्यांकन का प्रकार: लिखित और मौखिक दोनों होते हैं, जिसमें प्रत्येक का 50% योगदान होता है।
  • अंकों का वितरण (प्रत्येक विषय के लिए):
    • प्रथम सत्र परीक्षा: 10 अंक (5 लिखित + 5 मौखिक)
    • अर्धवार्षिक परीक्षा: 30 अंक (15 लिखित + 15 मौखिक)
    • द्वितीय सत्र परीक्षा: 10 अंक (5 लिखित + 5 मौखिक)
    • वार्षिक परीक्षा: 50 अंक (25 लिखित + 25 मौखिक)
  • कुल पूर्णांक:
    • कक्षा 2: 300
    • कक्षा 3: 700

कक्षा 4 और 5

इन कक्षाओं में मूल्यांकन का तरीका थोड़ा अलग है। यहां लिखित परीक्षा पर 70% और मौखिक परीक्षा पर 30% जोर दिया जाता है। इसका उद्देश्य छात्रों को लिखित रूप से अपनी बात रखने के लिए प्रोत्साहित करना है। UP Parishadiya Vidyalaya New Exam Pattern

  • मूल्यांकन का प्रकार: इसमें लिखित (70%) और मौखिक (30%) का मिश्रण होता है।
  • अंकों का वितरण (प्रत्येक विषय के लिए):
    • प्रथम सत्र परीक्षा: 10 अंक (7 लिखित + 3 मौखिक)
    • अर्धवार्षिक परीक्षा: 30 अंक (21 लिखित + 9 मौखिक)
    • द्वितीय सत्र परीक्षा: 10 अंक (7 लिखित + 3 मौखिक)
    • वार्षिक परीक्षा: 50 अंक (35 लिखित + 15 मौखिक)
  • कुल पूर्णांक: 700

कक्षा 6, 7 और 8

उच्च प्राथमिक स्तर की इन कक्षाओं में मूल्यांकन पूरी तरह से लिखित परीक्षा (100% Written) पर आधारित होता है। यहां कोई मौखिक परीक्षा नहीं होती, जिससे छात्र लिखित परीक्षा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सकें।

  • मूल्यांकन का प्रकार: यह पूरी तरह से लिखित (100% लिखित) परीक्षा पर आधारित है।
  • अंकों का वितरण (प्रत्येक विषय के लिए):
    • प्रथम सत्र परीक्षा: 10 अंक
    • अर्धवार्षिक परीक्षा: 30 अंक
    • द्वितीय सत्र परीक्षा: 10 अंक
    • वार्षिक परीक्षा: 50 अंक
  • कुल पूर्णांक: 1000

यह परीक्षा प्रणाली सुनिश्चित करती है कि छात्रों का मूल्यांकन उनकी कक्षा के अनुसार सही तरीके से हो। कक्षा 1 में मौखिक मूल्यांकन से शुरू होकर, धीरे-धीरे लिखित परीक्षाओं का महत्व बढ़ता जाता है, जिससे छात्र अगली कक्षाओं के लिए बेहतर ढंग से तैयार होते हैं। हमें उम्मीद है कि यह जानकारी आपके लिए उपयोगी साबित होगी।

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