उत्तर प्रदेश पंचायत कल्याण कोष: मृतक पंचायत प्रतिनिधियों के आश्रितों को वित्तीय सहायता
पंचायतें हमारे गाँवों और ज़िलों की नींव होती हैं। इन्हीं पंचायतों के ज़रिए हमारे चुने हुए प्रतिनिधि- ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, ग्राम पंचायत सदस्य, ब्लाक प्रमुख, जिला पंचायत अध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य दिन-रात काम करते हैं ताकि हमारा गांव / समुदाय बेहतर बन सके। ये वो लोग हैं जो स्थानीय स्तर पर विकास की धुरी होते हैं, जनता की सेवा में अपना जीवन समर्पित करते हैं। लेकिन, क्या हमने कभी सोचा है कि अगर इन जनसेवकों को कुछ हो जाए तो उनके परिवार का क्या होगा? – UP panchaayat kalyan kosh se sahayata dhanrashi hetu aavedan
जब कोई पंचायत प्रतिनिधि चाहे वह ग्राम प्रधान हो, क्षेत्र पंचायत प्रमुख या जिला पंचायत अध्यक्ष (उपरोक्त ) अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए इस दुनिया को छोड़ जाता है, तो उसके परिवार के सामने आर्थिक चुनौतियाँ खड़ी हो सकती हैं कि वह जीवित थे तो अपने घर-परिवार का भरण-पोषण के लिए जीविका चला रहे थे। अगर उनकी आकस्मिक मृत्यु हो जाये तब क्या होगा ? ऐसे में उत्तर प्रदेश पंचायत कल्याण कोष (UP Panchayat Kalyan Kosh) उनके आश्रितों (घर वालों) को आर्थिक मदद प्रदान करता है, ताकि वे इस मुश्किल समय में आत्मनिर्भर बन सकें, मिले हुए सहायता राशि से आगे का जीवन यापन कर सकें।
“समाज सेवा में जुटे नेताओं के परिवार को मुश्किल घड़ी में देता है साथ, UP पंचायत कल्याण कोष एक सहारा बनकर आता है।”
उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मानवीय पहलू को समझा है और इसी समझ का परिणाम है उत्तर प्रदेश पंचायत कल्याण कोष (UP Panchayat Kalyan Kosh)। यह सिर्फ़ एक सरकारी योजना नहीं, बल्कि मानवीय संवेदना और सामाजिक सुरक्षा की एक मिसाल है। यह कोष एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है, जो उन प्रतिनिधियों के परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है, जो अपने कार्यकाल के दौरान दुर्भाग्यवश हमें छोड़कर चले जाते हैं। UP panchaayat kalyan kosh se sahayata dhanrashi hetu aavedan
मृत्यु के बाद किसे और कितना मिलता है लाभ?
- ग्राम पंचायत के निर्वाचित प्रधान (सरपंच) = 10 लाख रुपये
- ब्लॉक प्रमुख = 10 लाख रुपये
- जिला पंचायत अध्यक्ष = 10 लाख रुपये
- जिला पंचायत सदस्य = 5 लाख रुपये
- क्षेत्र पंचायत सदस्य = 3 लाख रुपये
- ग्राम पंचायत सदस्य = 2 लाख रुपये
इन प्रतिनिधियों की मृत्यु होने पर उनके पति/पत्नी/पुत्र/पुत्री/माता/पिता या आश्रितों को पंचायती राज विभाग उत्तर प्रदेश सरकार – वित्त आयोग के द्वारा वित्तीय सहायता दी जाती है।
इस योजना का मुख्य लक्ष्य पंचायत प्रतिनिधियों के परिवार को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना है। सरकार समझती है कि जो लोग गाँव और जिले के विकास में अपना योगदान देते हैं, उनके परिवार को किसी भी आपात स्थिति में सहायता मिलनी चाहिए।
जब कोई प्रतिनिधि, चाहे वो ग्राम प्रधान हो, क्षेत्र पंचायत प्रमुख हो या जिला पंचायत अध्यक्ष, अपने पद पर रहते हुए दिवंगत (मृत्यु) हो जाता है, तो उसके परिवार पर न सिर्फ़ भावनात्मक दुःख का पहाड़ टूट पड़ता है, बल्कि आर्थिक चुनौतियाँ भी सामने आ जाती हैं। ऐसे कठिन समय में, पंचायती राज विभाग उत्तर प्रदेश सरकार – वित्त आयोग एक सहारा बनकर सामने आता है। यह योजना सुनिश्चित करती है कि उनके आश्रितों को तत्काल वित्तीय सहायता मिल सके, जिससे वे अचानक आई मुश्किलों का सामना कुछ हद तक कर सकें।
उ० प्र० पंचायत कल्याण कोष से सहायता धनराशि हेतु पोर्टल पर आवेदन प्रक्रिया
निर्वाचित प्रतिनिधि का विवरण
आवश्यक अभिलेख/दस्तावेज:
- मृत्यु प्रमाण पत्र (PDF, 100 KB से कम की साइज़ )
- बैंक पासबुक (PDF, 100 KB से कम की साइज़ )
- निर्वाचित पद का प्रमाण (चुनाव आयोग द्वारा जारी प्रमाणपत्र) (PDF, 100KB से कम की साइज़ )
आवेदन कैसे करें?
- विभाग की ऑनलाइन पोर्टल: prdfinance.up.gov.in पर जाएं और पंचायत कल्याण कोष वाले आप्शन में आवेदन पर क्लिक करें l
- फॉर्म भरें: मृतक प्रतिनिधि का नाम, पद, मृत्यु की तिथि और कारण, आवेदक का विवरण दर्ज करें।
- दस्तावेज अपलोड करें: मृत्यु प्रमाण पत्र, बैंक विवरण और निर्वाचित पद का प्रमाण अपलोड करें।
- सत्यापन: जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) और जिलाधिकारी (DM) द्वारा आवेदन की जाँच की जाती है।
- राशि हस्तांतरण: स्वीकृति के बाद सहायता राशि सीधे आवेदक के खाते में भेजी जाती है

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कैसे काम करता है पंचायत कल्याण कोष? UP panchaayat kalyan kosh se sahayata dhanrashi hetu aavedan
यह योजना त्रिस्तरीय पंचायत के निर्वाचित प्रतिनिधियों को कवर करती है। जब किसी ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत प्रमुख, या जिला पंचायत अध्यक्ष का निधन होता है, तो उनके आश्रितों को इस कोष से वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रयास किया गया है ताकि दुःख की घड़ी में परिवारों को ज़्यादा औपचारिकताओं में न उलझना पड़े।
यह पहल उन हज़ारों परिवारों के लिए एक उम्मीद की किरण है जो अपने प्रियजनों को खो चुके हैं, और यह दिखाता है कि सरकार अपने उन कर्मठ सेवकों के प्रति कितनी कृतज्ञ है जो ज़मीनी स्तर पर बदलाव लाने में लगे हुए हैं।
उत्तर प्रदेश पंचायत कल्याण कोष सचमुच एक मानवीय कदम है जो दर्शाता है कि एक संवेदनशील सरकार कैसे अपने लोगों और उनके परिवारों की देखभाल करती है। यह योजना न सिर्फ़ वित्तीय सुरक्षा देती है, बल्कि उन प्रतिनिधियों के बलिदान को भी याद दिलाती है जो हमारे समाज के लिए अथक प्रयास करते हैं।
- Q: क्या ग्राम पंचायत सदस्यों के परिवार को भी लाभ मिलता है?
A: हाँ, 2 लाख रुपये तक की सहायता। - Q: आवेदन में कितना समय लगता है?
A: सत्यापन के बाद 30 दिनों के भीतर।
उ० प्र० पंचायत कल्याण कोष से सहायता धनराशि हेतु पोर्टल पर आवेदन का प्रारुप PDF Download

निष्कर्ष
UP पंचायत कल्याण कोष न केवल एक वित्तीय सहायता योजना है, बल्कि समाज सेवा में लगे नेताओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता का प्रतीक भी है। अगर आप या आपके जानने वाले को इस योजना का लाभ लेना है, तो आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करें या जिला पंचायत कार्यालय से संपर्क करें। UP panchaayat kalyan kosh se sahayata dhanrashi hetu aavedan
“जनसेवा में समर्पित नेताओं के परिवार को सहारा देना, हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”
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