रमज़ान का महीना हर मुसलमान के लिए बहुत ही पाक और सब्र का महीना होता है। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक जानकारी साझा की गई है जो हम सभी के लिए एक बड़ी खुशखबरी लेकर आई है। अगले 11 सालों तक रोज़ेदारों को चिलचिलाती गर्मी से राहत मिलने वाली है।
चूँकि इस्लामिक कैलेंडर (हिजरी) चाँद पर आधारित होता है, इसलिए हर साल रमज़ान के महीने की तारीखें लगभग 10 से 12 दिन पीछे खिसकती रहती हैं। इसका मतलब है कि अब हमें आने वाले एक दशक तक ठंडे और सुहावने मौसम में इबादत करने का मौका मिलेगा। For the next 11 years those observing the fast will get relief from the scorching heat.
अगले 11 सालों के रमज़ान का संभावित कैलेंडर (2026 – 2036)
नीचे दी गई तालिका में आप देख सकते हैं कि आने वाले वर्षों में रमज़ान कब शुरू होने की संभावना है:
| वर्ष | संभावित तारीख (कब से कब तक) |
| 2026 | 18 फरवरी से 19 मार्च तक |
| 2027 | 08 फरवरी से 09 मार्च तक |
| 2028 | 28 जनवरी से 26 फरवरी तक |
| 2029 | 16 जनवरी से 14 फरवरी तक |
| 2030 | 06 जनवरी से 04 फरवरी तक |
| 2030 (दोबारा) | 26 दिसंबर से 24 जनवरी (2031) तक |
| 2031 | 15 दिसंबर से 13 जनवरी (2032) तक |
| 2032 | 04 दिसंबर से 02 जनवरी (2033) तक |
| 2033 | 23 नवंबर से 22 दिसंबर तक |
| 2034 | 12 नवंबर से 11 दिसंबर तक |
| 2035 | 02 नवंबर से 01 दिसंबर तक |
| 2036 | 21 अक्टूबर से 19 नवंबर तक |
कुछ खास बातें जो आपको जाननी चाहिए
- गर्मी से बड़ी राहत: जैसा कि लिस्ट से साफ है, 2026 से लेकर 2036 तक रमज़ान फरवरी से शुरू होकर अक्टूबर-नवंबर तक सिमट जाएंगे। इसका मतलब है कि भारत जैसे देशों में रोज़ेदारों को भीषण गर्मी और प्यास की कड़ी परीक्षा से थोड़ी राहत मिलेगी।
- साल 2030 का अनोखा संयोग: क्या आपने गौर किया? साल 2030 में हम दो बार रमज़ान का स्वागत करेंगे। पहला जनवरी में शुरू होगा और दूसरा साल के आखिर यानी दिसंबर में। यह एक बहुत ही दुर्लभ और बरकत वाला संयोग है।
- चाँद का महत्व: ध्यान रहे कि ऊपर दी गई सभी तारीखें एक अनुमान हैं। वास्तविक तारीखें हमेशा चाँद दिखने के आधार पर ही तय की जाती हैं।
नोट: ये तारीखें खगोलीय गणनाओं पर आधारित हैं। सुन्नत के मुताबिक, महीने की शुरुआत और अंत चाँद देखकर ही मुकम्मल होता है।
उम्मीद है यह जानकारी आपके लिए मददगार साबित होगी और आप अपनी आने वाली इबादतों की तैयारी और भी बेहतर तरीके से कर पाएंगे।

